रविवार, 18 जुलाई 2021

नेपोलियन बोनापार्ट के कुछ प्रसिद्ध अनमोल विचार

नेपोलियन बोनापार्ट के कुछ प्रसिद्ध अनमोल विचार

नेपोलियन बोनापार्ट फ्रांस के इतिहास के महान सेनापतियों में एक हैं / एक सेनापति होते हुए आगे चलकर उन्होंने अन्य कई देशों पर भी अधिकार किया और सम्राट बनें नेपोलियन का सैन्य जीवन लगभग बीस वर्षों का रहा /अपने जीवन काल में नेपोलियन नें 60 लडाइयां लड़ी जिसमें से उन्हें 7 में हार का सामना करना पडा जो उनके पतन के समय के थे / फ्रांस की एक विधि संहिता का नाम ही नेपोलियन विधि संहिता है /

                  



आज हम आपको नेपोलियन बोनापार्ट के कुछ प्रसिद्ध अनमोल विचार के बारें में बताते हैं -

  • नेपोलियन कहते हैं , अनजानी राहों पर वीर ही आगे बढ़ा करते हैं , कायर तो परिचित राहों पर ही तलवार चमकाया करते हैं /
  • अवसर के बिना काबिलियत कुछ भी नहीं है /
  • साहस और प्रेम दोनों सामान हैं , दोनों को आशा रुपी पोषण की आवश्यकता होती है /
  • एक लीडर आशा का व्यापारी होता है /
  • किसी भी इंसान को अपनी श्रेष्ठता बनाए रखने के लिए दस साल में अपनी रणनीति बदल देनी चाहिए /
  • कोई भी व्यक्ति अपने अधिकारों से ज्यादा अपने हितों के लिए लड़ेगा /
  • एक तस्वीर हजार शब्दों के बराबर होती है /
  • एक सच्चा आदमीं किसी से नफ़रत नहीं करता है /
  • शरीर के लिए सबसे अच्छा इलाज एक शांत मन है /
  • जो व्यक्ति आपकी प्रशंसा करना जानता है , वो आपको अपमानित करना भी जानता है /
  • इतिहास सहमति से किया गया झूठ का संग्रह है /
  • किसी कार्य को खूबसूरती से करने के लिए मनुष्य को उसे स्वयं करना चाहिए /
  • असंभव शब्द सिर्फ बेवकूफों के शब्द कोष में पाया जाता है /
  • शेर द्वारा संचालित भेड़ो की सेना , भेड़ द्वारा संचालित शेरों की सेना से हमेशा जीतेगी /
  • जीत उसे मिलती है , जो सबसे दृढ़ रहता है /
  • जब रात को आप अपने कपड़े फेकते हैं , तो उसी वक्त अपनी चिंताओं को भी फेक दीजिए /
  • मेरे शब्दकोष में असंभव शब्द नहीं है /
  • अपने वचन को निभाने का सबसे अच्छा तरीका है कि वचन ही न दें ,लेकिन वह काम कर दीजिए /
  • धर्म आम लोगों को शांत करने का उत्कृष्ट साधन है /
  • कभी भी जब आपका शत्रु कोई गलती कर रहा हो तो उसके काम में बाधा मत बनिए /
  • मरने की तुलना में कष्ट सहने के लिए ज्यादा साहस चाहिए होता है /
  • राजनीति में कभी पीछे न हटे , कभी अपने शब्द वापस न लें और कभी अपनी गलती न मानें /
  • आपको अपने किसी भी दुश्मन से ज्यादा लड़ाइयाँ नहीं लड़नी चाहिए , अन्यथा उसे आप अपना पूरा युद्ध कौशल सीखा देंगे /
  • हजार छूरों की तुलना में चार विरोधी अखबारों से अधिक डरना चाहिए /
  • कल्पना ही दुनियां पर शासन करती है /
  • जिसे जीत लिए जाने का भय होता है , उसकी हार निश्चित होती है /
  • अगली दुनियां में हम सेनापतियों से ज्यादा चिकित्सकों को लोगों की जिन्दिगियों के लिए जवाब देना होगा /
  • मौत कुछ भी नहीं है लेकिन हार कर और लज्जित होकर जीना रोज मरने के बराबर है /
  • एक सेना अपने पेट के बल पर आगे बढ़ती है /

  • यदि आप 100 शेरों की एक सेना बनाते हैं, जिसका सेनापति एक कुत्ता है ,तो युद्ध में सारे शेर कुत्ते की मौत मारे जाएंगे /लेकिन यदि आप 100 कुत्तों की एक सेना  बनाते हैं , जिसका सेनापति एक शेर हैं तो सारे कुत्ते युद्ध में शेर की तरह लड़ेंगे /

    • जो अत्याचार पसंद नहीं करते , उनमें से कई ऐसे होते हैं जो अत्याचारी होते हैं /

    • विजय हमेशा युद्ध का जीतना नहीं होती है , लेकिन उसमें विजय है, जब आप हर बार गिर कर उठ जाते हैं / 

    इस पोस्ट से आपको कितनी प्रेरणा मिलती है Comment करके जरूर बताइए / ऐसे ही Motivational , Inspiring Story और Career सम्बन्धी पोस्ट के लिए पेज को जरूर Follow करें /

    जय हिन्द //

    SERENA WILLIAMS MOTIVATIONAL SPEECH

    SERENA WILLIAMS MOTIVATIONAL SPEECH 

    सेरेना विलियम्स (SERENA WILLIAMS) अमेरिका में जन्मी एक विश्व प्रसिद्ध टेनिस स्टार हैं / जिहोनें आस्ट्रेलियाई ओपन , फ्रेंच ओपन , विम्बलडन ,अमेरिकी ओपन में विश्व में अपना लोहा मनवाया है /उनके नाम कई विश्व प्रसिद्ध रिकॉर्ड हैं , और अभी तक बनते ही जा रहे हैं /

    सेरेना विलियम्स का जन्म 26 सितम्बर 1981 को अमेरिका के मिशिगिनी में एक बहुत ही गरीब परिवार में हुआ था / उनके पिता रिचर्ड विलियम्स एक प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी चलाते थे / लेकिन सेरेना विलियम्स ने आज विश्व प्रसिद्धी हासिल की है वे उनकी जी तोड़ मेहनत , लगन और जिद के कारण हैं / आइए आज उनके द्वारा एक दी गयी स्पीच को पढ़ते हैं , जिसमें उन्होंने सफलता के मन्त्र के साथ परिस्थितयों पर विजय कैसे हासिल की जाए के बारे में बताया है /

                                       




    अपने चीयर लीडर खुद बनिए , स्वयं पर अपना भरोसा काम मत करिए ---- सेरेना विलियम्स

    "मैं आप सभी को यह बताना चाहती हूँ कि ,यह मायने नहीं रखता की आपकी क्या उम्र है , आप कितने जवान है या बूढ़े / आप हर वो चीज हासिल कर सकते हैं जो आपने अपने दिमाग के लिए तय की है / मैं हमेशा कहती हूँ कि अगर मैं कर सकती हूँ तो कोई भी कर सकता है /

    मैं जो ऐसा कह रही हूँ उसके पीछे एक वजह है क्योकि मुझे ऐसा बचपन नहीं मिला जिसमें तमाम चीजे मुझे हाथ में दी गयी हों / मुझे हर एक वस्तु के लिए कड़ी मेहनत करनी होती थी /अपने आपको झोकना होता था , दृढ़ संकल्पित होना होता था / और मैं ऐसा करती थी /

    वो चाहे खेल का मैदान हो या खेल के मैदान के बाहर , फिर वो शिक्षा की बात हो या किसी व्यापार की बात हो / सभी में अनुशासन , कड़ी मेहनत और पक्के इरादे की जरूरत होती है / इनमें भी सबसे ज्यादा जरूरत होती है खुद पर विश्वास करने की ,खुद पर यकीन करने की , क्योकि मेरे जैसे कई लोग आप पर भरोसा नहीं करेंगे ,लेकिन आपको खुद पर विश्वास बनाए रखना पड़ेगा / आप ही अपने चीयर लीडर होते हैं / आपको ही अपना सबसे बड़ा और बेस्ट चीयर लीडर बनना है / आपको खुद पर भरोसा करते हुए खुद का सहयोग देते रहना है / स्वयं पर कभी भी भरोसा काम नहीं करना है /

    मेरे लिए यह सफ़र कभी आसान नहीं रहा / मैं यहाँ इसीलिए नहीं खडी हूँ कि मुझे यहाँ सफलताएं मिली हैं / मुझे मेरे उतार चढ़ाव भी खूब याद हैं / जीवन में बहुत मुश्किलें आई / एक दौर में मेरे दोनों फेफड़े में खून के थक्के जम गए थे / उसी समय मुझे विवादों और हादसों से भी गुजरना पडा था / मैं जिन लोगों की तरह नहीं नजर आ रही थी , उन्होंने मुझे नीचा दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी /

    मैं उनसे ज्यादा मजबूत दिखती थी / मेरे शरीर के रंग के कारण भी अजीब बर्ताव होता था / मैं महिला थी , इस वजह से भी लोग अनदेखा कर देते थे / मेरे आलोचक थे ,जो कहते थे कि मैं कभी भी ग्रैंड स्लैम फिर से नहीं जीत पाउंगी, जब मैं केवल सात नंबर पर होती थी / और आज मैं 21 ग्रैंड स्लैम टाइटल्स जीत चुकी हूँ , और बढ़ती ही जा रही हूँ /"

    कभी किसी को अपने आपसे ज्यादा मेहनत न करने दें / 

    जब मैं छोटी थी तो अक्सर कहा करती थी कि मुझे बाहर निकलकर मेहनत करनी ही होगी , क्योकि रूस में कोई न कोई नंबर वन बनने के लिए मेहनत कर रहा होगा / मुझे उससे ज्यादा मेहनत करनी है / तो आप कह सकते हैं कि रूस में खेल रहे खिलाड़ियों ने मुझे कैलिफोर्नियाँ में रहते हुए मेहनत करने को प्रेरित किया / मैं पूरे समय यह सोचती थी कि कहीं तो कोई होगा जो मुझसे ज्यादा मेहनत कर रहा होगा और मुझे उसे हराना है /

    आप जो भी करें अगर उसमें सफल होना है ,तो आपको कड़ी मेहनत करनी होगी / सफल होने से मेरा मतलब केवल भौतिक सफलता से नहीं है बल्कि दिमागी रूप से शांति भी है / तो किसी भी काम को करे तो अपने मेहनत का पूरा मजा लें / जब भी आपसे कोई कहे कि तुमसे न हो पाएगा ,तो जान जाओ कि तुमसे ही होगा / लोग ऐसा इसलिए बोलते हैं क्योकि वे नहीं कर पाते हैं और नहीं चाहते कि आप हासिल कर पाओ /

    अगर मैं स्मैस भी करती हूँ , तो दिल से करती हूँ / जब आप कोई काम दिल से नहीं करते हैं , तो यह अहसास कभी न कभी तो होता ही है कि काश ! इसे पूरे दिल से किया होता / ऐसा अक्सर तब होता है , जब आप बूढ़े होने लगते हैं / मैं कहूँगी कि अपने लिए कोई अफसोस की जगह न रखिए ,और जो भी करिए पूरे दिल से करिए /   

    इस पोस्ट से आपको कितनी प्रेरणा मिलती है Comment करके जरूर बताइए / ऐसे ही Motivational , Inspiring Story और Career सम्बन्धी पोस्ट के लिए पेज को जरूर Follow करें /

    जय हिन्द //

    शनिवार, 17 जुलाई 2021

    जीत की जिद / How to insistence to win

     जीतने के लिए जिद्दी होना जरूरी है  @INSISTENCE 

    सबसे बड़ा रोग क्या कहेंगे लोग जब लोग अपनी जिन्दगी की कमान दूसरों के हाथ में दे देते हैं / उन्हें अपने से ज्यादा दूसरों की विचारों की फिक्र होती है कि अगर मैंने ऐसे किया तो लोग क्या कहेंगे ,तो समझो सत्यानाश हुआ /

    जिस प्रकार नदी के पानी का आकर्षण समुद्र की तरफ होता है / उसके बहाव में लाख अड़चने आए लेकिन अंततः पानी समुद्र में जाकर ही मिलता है / ठीक इसीप्रकार यदि आपके दिमाग का आकर्षण आपके लक्ष्य की तरफ हो जाए तो आपको सक्सेस पाने से कोई नहीं रोक सकता है /

    वो अड़चने कौन कौन सी हैं जो हमें हमारी मंजिल तक पहुँचने से रोकती है ?

    डर ,गरीबी ,अशिक्षा , अनिर्णय , गलत आदतें , टालमटोल ,आलस ,खुद पर विश्वास की कमी , देर से उठना , आदि ऐसी जिद्दी अड़चने हैं जो अपने जिद के कारण आपको आपके सक्सेस तक कभी नहीं पहुँचने देती हैं / और हम लोग जानते हुए भी इसके चंगुल में फंस जाते हैं / और परिस्थतियों से दो दो हाथ करने की जगह हम इसकी दासता स्वीकार कर लेते हैं , और भाग्य को दोष , परिवार को दोष , देने लगते हैं /

    जिस प्रकार लोहा लोहे को काटता है ,उसी प्रकार इस अड़चन रुपी जिद को हमें खुद के विश्वास के जिद से काट कर आगे बढ़ना होगा / तभी सफलता संभव है / और ये कठिन भी नहीं है /बस हमें इसके लिए जिद्दी बनना पड़ेगा / तमाम सफल लोंगों ने ऐसा ही किया है / जब वो सफल हो सकते है तो आप क्यों नहीं ?  

    जिद या दृढ़ता हमारे दिमाग की एक अवस्था है , जगाने के लिए निम्न कारको को तैयार करना होगा 

    • निश्चित उद्देश्य— सबसे पहले आपको भलीभांति पता होना चाहिए , कि आप वास्तव में क्या चाहते हैं ?क्योकि जब तक आपके पास एक मजबूत मकसद नहीं होगा ,आप हमेशा भटकते रहेंगे /

    एक लक्ष्य विहीन मनुष्य ,बिना नाविक के उस नाव के सामान होता है , जो नदी में बहती तो है पर उसका किनारा कहाँ आएगा ,कुछ भी पता नहीं होता / और अंत उसका डूबना लगभग तय ही होता है/

    • इक्षाशक्ति आपके द्वारा लक्ष्य की प्राप्ति में आपकी चाहत , आपकी इक्षा कमजोर नहीं बल्कि जुनूनी होनी चाहिए / तीव्र होनी चाहिए /

    हम अपनी इक्षाशक्ति पर दृढ तभी होते हैं , जब हमें उस लक्ष्य की वास्तव में तीव्र आवश्कता होती है /या वो लक्ष्य हमें अत्यधिक प्रिय या पसंद हो /

    • आत्मनिर्भरता या स्वयं पर विश्वास --- आप एक लक्ष्य पर तभी दृढ हो सकते हैं जब आपको खुद पर विश्वास हो / क्योकि पानी भी तभी उबलता है जब वह 1000c होता है /इसी प्रकार आपको स्वयं पर विश्वास होना चाहिए कि चाहे कुछ भी हो जाए ,अब हमें पीछे नहीं हटना है / यही प्रतिज्ञा आपको हठी बनाएगी / और आप विजय के मार्ग पर निश्चय ही प्रशस्त होंगे /
    • निश्चित योजना  लक्ष्य कितना भी कठिन हो ,लेकिन अगर लक्ष्य तक पहुँचने के लिए सुगम मार्ग हो या एक सही योजना हो ,तो स्वंय के विश्वास में वृद्धि होती है और आपमे अधिक दृढ़ता आती है / कि अब आपकी जीत तय है /
    • सटीक ज्ञान के आधार पर योजना बनाएं अगर आपने जो योजना बनाई है , गहन अध्ययन के द्वारा बनाई है ,उसका सही अवलोकन किया है तो आपकी दृढ़ता और भी पक्की हो जाएगी / योजना अनुमान से नहीं बल्कि अनुभव और विशेष ज्ञान के आधार पर बनाना चाहिए /
    • आदत  वैसे कहा जाता है की हमारी आदते ही हमारे सफलता या असफलता की सूचक होती हैं /जब हम अपने लक्ष्य तक पहुचने के लिए अनुकूल आदतों को विकसित करने लगते हैं / अपने अन्दर के डर को अपने लक्ष्य पर ध्यान केन्द्रण के द्वारा दूर करने का प्रयास करते रहते हैं / और धीरे धीरे हम आत्मविश्वासी होते जाते हैं ,और यही विश्वास हमें अपनी जीत के प्रति हठी बना देता है /
    • लगातार प्रयास करते रहना – लक्ष्य पर पहुँचने की सबसे सटीक सीढ़ी है निरन्तर प्रयास करते रहना / मैं तो लगातार प्रयासरत होने की क्रिया को सर्वश्रेष्ठ मानता हूँ / क्योकि देखा गया है कि अधिकतर लोंगो के फेल होने का कारण अपने काम को लगातार न करना है यानि मूड के अनुसार करना रहा है /

        लाख प्रतिभा हो , आप बहुत ज्ञानी हों ,लेकिन अगर प्रतिभा को तरासने के लिए जो अवसर आपके पास है उसमें सही ठंग से काम नहीं किया तो कुछ दिनों बाद आपकी ये प्रतिभा सिर्फ कागजों पर ही रह जाएगी / आपका ज्ञान तभी तक है जब तक आप किताबों से जुड़े हैं और उसका सही इस्तेमाल कर रहें हैं / अपने दिमाग को नयी नयी जानकारियों से अपडेट कर रहें हैं /

      एक बार बादलों की हड़ताल हो गयी / बादलों ने कहा कि वे अगले दस सालों तक पानी नहीं बरसाएंगे / ये बात जब किसानों नें सुनी तो उन्होंने भी अपने हल हथियार वगैरह रख दिए, क्योकि बादल तो अब पानी बरसाएंगे नहीं तो हल चलाने से क्या फ़ायदा /

       लेकिन उनमें से एक किसान था जो प्रतिदिन नियमानुसार अपने खेतों में हल चलाता था / एक दिन कुछ बादल ऊपर से गुजर रहे थे / तो उन्होंने देखा कि एक  किसान अपने खेत में हल चला रहा था / तो उन्होंने उस किसान से पुछा कि –अरे भाई क्या आपको पता नहीं है कि हम बादल हड़ताल पर हैं और 10 साल तक बारिश नहीं करेंगे /

    तो किसान के कहा कि अरे भाई कोई बात नहीं/ जब आप बरसेंगे तो बरसेंगे तब देखा जाएगा / लेकिन मैंने अगर 10 साल तक हल चलाना छोड़ दिया तो आने वाले समय में मैं हल चलाना ही भूल जाऊँगा /

    अब यह सुनकर सभी बादल घबरा गए कि कही वे बरसना ही न भूल जाएं / और वे तुरंत ही बरसने लगे / और खेत में लगातार हल चलाने वाले किसान की मेहनत रंग ला गयी / और जो किसान अपने हथियार डाल कर सही समय का इन्तजार कर रहे थे वे सब हाथ मलते रह गए /

    इसीलिए अपने काम में सफलता असफलता की चिंता किए बगैर लगे रहिए / समय आने पर सफलता आपको अवश्य मिलेगी / और यही निरंतरता की जिद ही सक्सेस का मूल मन्त्र है /

    • उन आदतों का त्याग करना जो आपको आपके लक्ष्य से दूर कराए हैं --- ये बहुत ही महत्वपूर्ण बिंदु है और मेरे हिसाब से एकमात्र सार्थक बिंदु / जिस पर काम करके आप निश्चित सफलता पा सकते हैं /

    मान लीजिए आप एक व्यवसाय की शुरुवात करने जा रहे हैं और तमाम ऐसे साथी ,राय प्रधान लोग जो आपसे अपनी तमाम नकारात्मक अनुभव SHARE करके वो आपको वो काम करने से ही रोक रहें हैं / जबकि वे साथी आपको सकारात्मक और नकारात्मक दोनों विचारों से अवगत कराकर एक सही ओर POSITIVE  सलाह देकर आपके काम में आपकी मदद कर सकते थे / पर वे अपने आपको महान ज्ञानी मनवाने के चक्कर में आपका बड़ा गर्त करने बैठ गए हैं , जिसमे उनका वास्तव में खुद का रत्ती भर अनुभव नहीं है / तो ऐसे लोंगों का साथ तुरंत छोड़ देना चाहिए / क्योकि ये आपको सफल होता देखना ही नहीं चाहते हैं /

    इस प्रकार से वो चाहे आदतें हों जैसे – टालमटोल की आदत , शराब की आदत , अनिर्णय , डर , आलोचना इस सबका तुरंत त्याग कर देना चाहिए / और साथ ही साथ नकारात्मक लोंगो को अपने से कोसों दूर रखिए /

    इस प्रकार से जीतने के लिए निश्चित लक्ष्य , सही योजना ,दृढ़ता , स्वयं पर विश्वास बहुत ही आवश्यक है / और जब तक अपने लक्ष्य को प्राप्त न कर जाएं लगातार जुटे रहें /

    इस पोस्ट से आपको कितनी प्रेरणा मिलती है Comment करके जरूर बताइए / ऐसे ही Motivational , Inspiring Story और Career सम्बन्धी पोस्ट के लिए पेज को जरूर Follow करें /

    जय हिन्द //

     

     

    गुरुवार, 15 जुलाई 2021

    IAS NIDHI SIWACH / THE REAL SUCCESS STORY / PASSION

    @NIDHI_SIWACH    एक IAS अफसर बनने की SUCCES STORY

    सफलता का कोई निश्चित नियम या सूत्र नहीं होता है / होता है तो सिर्फ एक और वो है खुद पर विश्वास , और अपने उम्मीद से ज्यादा काम करना /

    एक निश्चित सफलता के लिए जो भी चीजे आपको DISTRACT करती हो, या आपकी और आपके मंजिल के बीच अवरोध बनती हो, उन्हें छोड़ना पड़े तो छोड़ दो सफलता का एक मात्र यही सूत्र है /

    धनुर्विद्या की परीक्षा में सभी कौरवो और पांडवों की ऋषि द्रोणाचार्य ने परीक्षा ली / बारी बारी से सभी को निशाना लगाने के लिए बुलाया / और उन्हें बता भी दिया गया की पेड़ पर एक चिड़िया की आँख में निशाना लगाना है / जब उनसे पूछा जा रहा था की तुम्हे निशाना लगाने के लिए क्या दिख रहा है ? तो कोई बोलता की उन्हें पत्ती दिख रही है , तो कोई बोलता की उन्हें पूरी चिड़िया दिख रही है , तो कोई बोलता की उन्हें तो चिड़िया दिख ही नहीं रही है , इस प्रकार से सभी शिष्यों ने अपना अपना बयान दिया की आखिर उन्हें दिख क्या रहा है/ इससे एक बात समझ आती है की उन्हें अब तक ये नहीं मालूम हो पाया था की आखिर उन्हें निशाना लगाना कहाँ है , उसी जगह पर जब द्रोण ने अर्जुन ने पूछा की तुम्हे क्या दिख रहा है, तो अर्जुन ने जवाब दिया की उन्हें तो मात्र चिड़िया की आँख दिख रही है /

    अर्थात जब तक आपके द्वारा ये न मालूम हो की वास्तव में आपको करना क्या है, और लक्ष्य का पता होने पर भी आप बार बार भ्रमित हो रहे हों तो सफलता आपको नहीं मिल सकती / यानि सफलता के लिए आपका फोकस आपके टारगेट पर ही होना चाहिए / इसके अलावा आपको कुछ भी नहीं दिखना चाहिए / तभी आप सौ प्रतिशत सफल हो सकते हैं /

    एक सच्ची कहानी एक IAS के जीवन की  

    आज के समय में निधि सिवाच (NIDHI SIWACH)  एक जाना पहचाना नाम है, जो हरियाणा राज्य के गुरुग्राम की रहने वाली हैं / निधि जी की शिक्षा दीक्षा भी वही से हुई है / जब निधि ने 10वी कक्षा का एग्जाम पास किया ,तो इन्होने अपना लक्ष्य मैकेनिकल इंजीनियरिग को बनाया / और 12वी की परीक्षा पास करते ही निधि सिवाच ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में एडिमिशन भी ले लिया / मैकेनिकल इंजीनियरिग की पढ़ाई पूरी होने के बाद निधि सिवाच को हैदराबाद की एक कंपनी में नौकरी मिल गयी / और वह हैदराबाद में ही रहने लगी /

    अब लगभग लाइफ सेट हो चुकी थी / नौकरी भी शानदार चल रही थी / बचपन में देखा गया सपना भी उन्होंने साकार कर लिया था / 2 साल तक जॉब भी किया /एक दिन उन्हें ऐसा लगा कि वह इस जॉब के लिए नहीं बनी है/ उन्हें तो लाइफ में कुछ अलग करना चाहिए / अब बस यही सोच कर उन्होंने ठान लिया कि उन्हें तो IAS अफसर ही बनना है/ और वो ऐसा करके जरूर दिखाएंगी /

                                           

    IAS NIDHI SIWACH / THE REAL SUCCESS STORY / PASSION

    IAS की तैयारी के लिए अपनी नौकरी छोड़ दी  

    कुदरत का एक नियम है कि कुछ पाने के लिए कुछ न कुछ प्रतिदान करना पड़ता है / और शायद ये निधि सिवाच को बखूबी पता था , इसीलिए अपने अगले टारगेट को पूरा करने के लिए उन्होंने अपनी नौकरी बलिदान कर दिया अर्थात छोड़ दिया /

    2 बार असफल भी हुई

    निधि सिवाच अपनी पूरी मेहनत , लगन और शिद्दत के साथ अपनी पूरी पढ़ाई में लग गयी / अब उनका एक ही सपना था UPSC EXAM को पास करना वो भी हर हाल में /

    UPSC EXAM में निधि सिवाच को दो बार असफलता मिली /इस असफलता के साथ किसी तरह निधि अपने आपको POSITIVE करने की कोशिस कर रही थी, और फिर से तैयारी के लिए खुद को तैयार कर रही थी /

    शादी का प्रस्ताव घर वालों के द्वारा  

    दो बार की असफलता के बाद घर वालों ने निधि सिवाच को शादी करने के लिए कह दिया ,जिसके लिए निधि तैयार नहीं थी / वो तो पहले IAS बनकर अपने सपनों को पूरा करना चाहती थी / लेकिन अपनी दो बार की असफलता और शादी के इस प्रस्ताव के बीच निधि घिर गयी / अंत में परिवार ने कहा की यदि इस बार वह इस एग्जाम को पास नहीं कर पाती तो उन्हें शादी करनी पड़ेगी /

       निधि सिवाच ने इस प्रस्ताव को मान लिया, और इसके साथ अपने मन में ये भी ठान लिया की ये उसके लिए अंतिम अवसर है , अब उसके सामने करो या मरो की शर्त है / उसे ये बात भली भाँति पता चल चुकी थी कि अभी नहीं तो कभी नहीं / अब उसने ठान लिया उसे हर हाल में UPSC  इसी वर्ष पास करना ही है /

    6 महीने के लिए वैराग्य धारण कर लिया

    परिवार ,शादी, व्याह, फंक्शन आदि से निधि ने एकदम दूरी बना ली / अब वो अपने आपको एक कमरे में पैक कर ली / परिवार से ज्यादा ख़ास मतलब नहीं रखती थी , क्योकि वह मानती थी कि तैयारी के समय में पारिवारिक बातें उनका ध्यान भटका सकती हैं / इसी लिए निधि सिवाच ने सोशल मीडिया आदि से भी एकदम दूरी बना ली / और सिर्फ और सिर्फ अपना पूरा फोकस एक अर्जुन की तरह अपनी पढ़ाई पर लगा दी / अब निधि के लिए उसकी किताबें ही उसकी दोस्त थी / दिन हो रात बस एक ही जूनून दिमाग में चलता था की उसे IAS हर हाल में बनना है /

    बिना कोचिंग के बनी UPSC टॉपर

    इस एग्जाम की तैयारी में निधि सिवाच नें अपने आपको पूर्ण रूप में समर्पित कर दिया था / और उन्होंने इसकी तैयारी के लिए कोई कोचिंग भी नहीं की थी / इस प्रकार अंततः मेहनत रंग लाई और तीसरे प्रयास में आल इंडिया रैंक में 83 रैंक हासिल कर ली /  

     इस प्रकार निधि सिवाच ने साबित कर दिया कि यदि व्यक्ति अपने लक्ष्य के प्रति पूर्ण समर्पित हैं ,और अपना पूरा ध्यान अपने TARGET पर ही रखा है तो उसे जीतने से कोई रोक नहीं सकता है /

    मंजिल उन्ही को मिलती है , जिनके सपनों में जान होती है ,पंख से कुछ नहीं होता ,हौसलों से उड़ानहोती है /

    इस सच्ची घटना से आपको कितनी प्रेरणा मिलती है Comment करके जरूर बताइए / ऐसे ही Motivational , Inspiring Story और Career सम्बन्धी पोस्ट के लिए पेज को जरूर Follow करें /

    जय हिन्द //  

     

      

    THE WOMAN POWER / सपनों की उड़ान

     सपनों की उड़ान / @THE_WOMAN_POWER

    जहां आज के समय मे बड़े , बुजुर्ग, बच्चों के हाथ में मोबाइल , आते ही , वे सभी उस मोबाइल का दुरूपयोग पहले करते हैं / तमाम फेक चैटिंग , अश्लील विडियो , गेम आदि में अपना कीमती समय और डाटा नष्ट करते हैं / वही पर कुछ गिने चुने लोग , जिन्हें समय की कीमत पता  है, अपने सपनों का महत्त्व पता है , और अगर उन्हें कोई वस्तु बड़ी मुश्किल से मिली है तो उसका भी महत्त्व पता है/ ऐसे ही लोग अपने सपनों को साकार करने में यकीनन कामयाब होते हैं /

    कहते हैं अगर सीखने की ललक हो ,और सपनों को पाने की चाह हो , तो कोई भी परिस्थितियां किसी को अपना दास नहीं बना सकती हैं / 

    एक लड़की सोनाली की सच्ची कहानी

    ये सच्ची कहानी है एक गरीब लड़की सोनाली की , जिसने मेहंदी लगाने की कभी कोई ट्रेनिंग नहीं ली  और मेहंदी आर्टिस्ट बन गयी , क्योकि उसके पास इतने पैसे नहीं थे कि वह किसी सेंटर में सीख सके / बमुश्किल किसी तरह सोनाली ने 7वी कक्षा तक पढ़ाई की , क्योकि इस कक्षा तक फीस नहीं लगती थी , लेकिन आगे की कक्षाओं में फीस देना पड़ता जो उसके पास नहीं थे तो इसी कारण उसकी पढ़ाई यही पर समाप्त हो गयी / लेकिन उसके मन की तीव्र इक्षा थी मेहंदी लगाना सीखना / उसे यह काम बहुत पसंद था /

    मेहंदी सीखने के लिए पैसे नहीं थे

    चूंकि सोनाली को मेहंदी लगाना बहुत पसंद था , और वह हर हाल में इसे सीखना चाहती थी , लेकिन पैसे न होने के कारण वह किसी क्लास को ज्वाइन नहीं कर सकती थी / लेकीन उसके मन में जो एक सपना था वह रह रह के उसे परेशान करता था / लेकिन कहते हैं जहां चाह ,वहां राह /

    चूंकि सोनाली मुंबई में रहती थी , तो उसने मेहंदी लगाने की शुरुवात ब्लाक मेहंदी से की थी / वहां पर सेलिब्रेटी और विदेशी पर्यटक वगैरह आते ही हैं ,तो ब्लाक मेहंदी के द्वारा उसका काम चलने लगा /

    लेकिन सिर्फ बालों में मेहदी लगाना ही पर्याप्त नहीं था ,और सोनाली के मन में जो मेहंदी लगाने का सपना था, वो रह रह कर उबाल खाता ही था और सोनाली भी इसे जीवित ही रखना चाहती थी / इसीलिए उसने अपने इस सपने को अपने से दूर नहीं होने दिया /

    बिना किसी ट्रेनिंग के मोबाइल से मेहंदी लगाना सीखी

    जब उसकी शादी हो गयी तो पति नें उसे एक मोबाइल गिफ्ट किया / अब जरा आप सोचिए कि अगर आपके हाथों में ये डिवाइस हो तो आप क्या करोगे ? वही जो अकसर लोग करते हैं , फ़ोकट की चैटिंग , फालतू की विडियो देखना , गपशप करना , कुल मिलकर टाइम पास करना /

    पर यहाँ पर सोनाली ने ऐसा कुछ भी नहीं किया /उसने उसी मोबाइल से ही तमाम मेहंदी लगाने की डिजाइनों को सीखना शुरू किया / और धीरे धीरे करके वह हर प्रकार के मेहंदी लगाने की डिजाइन में निपुण हो गयी /

    एक समय ऐसा भी था जब सोनाली का आत्मबल बहुत ही कमजोर पड़ गया था , क्योकि वह अपने सपनों को पाना चाहती थी , लेकिन आर्थिक तंगी और तमाम हालातों के कारण वह कुछ कर नहीं पा रही थी / लेकिन उसी सोनाली ने अवसर को पहचाना ,और सिर्फ एक मोबाइल की सहायता से अपने सपनों को सच कर दिखाया / सोनाली आज ब्राइडल मेहंदी भी लगा रही है ,और दुल्हनों का गेट उप तैयार करके अच्छा पैसा कमा रही है /

    इस बात से एक बात से तो समझ आती है कि ..

    हुनर किसी का मोहताज नहीं होता ,कोई पैदा होते ही सरताज नहीं होता , हर किसी के सर पर ताज नहीं होता

    जो रखता है खुद पर विश्वास , वह कभी किसी का मोहताज नहीं होता /

    इस प्रकार इस संसार में अभी भी ऐसे नायब हीरे पड़े हैं ,जिन्हें न विपत्तियाँ हरा सकती हैं , न परिस्थितियां झुका सकती हैं / उन्हें सिर्फ होता है अपने सपनों से प्यार और वे इसे पाने के लिए कुछ भी कर सकते हैं /

    अगर आपके मन में भी ऐसी कोई अभिलाषा है , कोई सपना है जिसमें आप वास्तव में जीना चाहते हैं , तो अवसरों को तलाश  करिए , हार न मानिए, तो कोई भी लक्ष्य आपके लिए असंभव नहीं है /

    अगर किसी चीज को शिद्दत से चाहो तो पूरी कायनात तुम्हें उससे मिलाने में लग जाती है

    यह प्रेरणा भरी सच्ची कहानी आपको कैसी लगी जरूर comment करिए / पेज को follow करना न भूलिए /

    जय हिन्द 

     

     


      

     

     

     

     

     

     

     

     

     

     

     

     

    Featured Post

    Insurance को खर्च नहीं, सुरक्षा क्यों माना जाता है?

    Insurance को खर्च नहीं, सुरक्षा क्यों माना जाता है? एक बात जो मुझे Insurance Industry में काम करते हुए बार-बार महसूस हुई... अगर आप पिछले कुछ...