Insurance को खर्च नहीं, सुरक्षा क्यों माना जाता है?
एक बात जो मुझे Insurance Industry में काम करते हुए बार-बार महसूस हुई...
अगर आप पिछले कुछ सालों से मेरे संपर्क में हैं, तो आपने एक बात जरूर Notice की होगी।
जब भी मैं किसी व्यक्ति से Life Insurance की बात करता हूँ, उसका पहला सवाल लगभग हमेशा एक जैसा होता है:
👉"Sir, इसमें Return कितना मिलेगा?"
और सच कहूँ...
यहीं से मुझे समझ आ जाता है कि सामने वाला व्यक्ति अभी Insurance को Investment समझ रहा है।
क्योंकि जिस दिन Insurance को सही मायने में समझ लिया जाता है, उस दिन Return वाला सवाल अपने आप पीछे छूट जाता है।
एक छोटी-सी घटना जिसने मेरी सोच बदल दी
कुछ साल पहले मैं एक परिवार से मिला था।
घर का माहौल सामान्य था।
पति नौकरी करते थे। पत्नी Housewife थीं। दो छोटे बच्चे थे।
बातों-बातों में Financial Planning की चर्चा शुरू हुई।
मैंने पूछा:
👉"अगर आपके साथ कुछ हो जाए तो परिवार का क्या होगा?"
वो हँस पड़े।
बोले:
👉"अरे Sir, अभी तो उम्र ही क्या है?"
सच कहूँ...
मैंने यह जवाब सैकड़ों बार सुना है।
लेकिन जिंदगी कभी-कभी ऐसे जवाब नहीं सुनती।
कुछ समय बाद अचानक उनकी तबीयत खराब हुई और हालात ऐसे बने कि परिवार की पूरी आर्थिक व्यवस्था हिल गई।
उस दिन मुझे एक बात फिर समझ आई:
👉मुसीबत आने से पहले Insurance महंगा लगता है।
मुसीबत आने के बाद Insurance की कीमत समझ आती है।
एक दूसरी वास्तविक कहानी :-
मेरे विद्यालय में तीन बच्चे पढ़ते थे । दो बहने और एक छोटा भाई । पिता विदेश में अच्छा पैसा कमाते थे । पैसे की कोई कमी नहीं थी । बच्चों का स्टैन्डर्ड बढ़िया था । बच्चे स्कूल की गाड़ी से आते जाते थे , जबकि स्कूल और घर की दूरी एक से डेढ़ किलोमीटर होगी । जहां तक मेरी जानकारी है , नात रिश्तेदार मायका ससुराल सभी का आना जाना बराबर था । बच्चों के पिता की आमदनी अच्छी थी तो गाँव में पक्का मकान भी बनने लगा था ।
अचानक एक दिन खबर आती है कि , कमाने वाले व्यक्ति को विदेश में हार्ट अटैक आ गया और वो expire हो गए । घर में कोहराम मच गया । एक दो दिन में लाश घर पर आती है । चूंकि बच्चे हमारे विद्यालय में पढ़ रहे थे तो हमारा भी जाना उचित ही था । दो चार दस दिन पास पड़ोस रिश्तेदारों का आना जाना लगा रहा । फिर धीरे धीरे सब सामान्य होने लगा क्योंकि जाने वाला तो चला गया । लेकिन बच्चे और उनकी माँ को आगे की जिंदगी तो जीनी है न , तो अब आगे की सोचनी ही पड़ेगी । अब घर में financial दिक्कतें आनी शुरू हो चुकी थी । क्योंकि घर चलाने के लिए पैसे की जरूरत होती है और वो घर में था नहीं ।
बच्चे जो विद्यालय में गाड़ी से आते थे , गाड़ी को छोड़ दिए । स्कूल की फीस देने में problem होने लगी । नात रिश्तेदार अब कोई साथ देने वाला नहीं । बच्चों की माँ पढ़ी लिखी थी नहीं तो एक विद्यालय में दाई का काम करने लगी । वेतन ज्यादा से ज्यादा 4 से 5 हजार । जो घर बन रहा था अधूरा ही रह गया । सोच के देखिए जो घर कभी 50 से 60 हजार में चलता था आज इतने कम तनख्वाह में अब कैसे चले ? यानि अब हर जगह समझौता । कुछ दिनों बाद बड़ी लड़की को उसके ननिहाल वालों ने अपने वहाँ बुला लिया और वहीं पर किसी विद्यालय में नाम लिखा दिया । लड़का जो छोटा था उसका नाम किसी सरकारी या कोई फ्री वाली संस्था के विद्यालय में लिखा दिया गया । एक लड़की हमारे विद्यालय में पढ़ रही थी । पढ़ने में अच्छी थी , सपने भी थे , इन्टर बाद बीटेक करना चाहती थी , लेकिन पैसों की तंगी के कारण BSC में नाम लिखवाने के लिए मजबूर हो गई । रिश्तेदार सिर्फ सलाहवीर थे । लेकिन कोई एक भी बंदा पैसे से मदद करने वाला नहीं ।
अर्थात अब किसी तरह से घर चले कि अपने सपने पूरे किया जाए । घर की खुशियों पर ग्रहण लग गया ।
अब अगर समय रहते हुए कमाने वाले व्यक्ति ने बीमा लिया होता , Term Insurance लिया होता तो क्या आज परिवार टूटता ? बच्चों के सपने , पत्नी का घर , बच्चों की पढ़ाई , घर के खर्च । इन पर इतना प्रभाव पड़ता ? नहीं ।
दोस्तों आपको आपकी जन्मतिथि याद रहती है , लेकिन आपको अपनी डेथ नहीं मालूम । कब ? किस जगह ? किस समय ? कौन सी अनहोनी हो जाए , ये किसी को नहीं पता । आपके बाद आपके परिवार को कौन संभालेगा ? ये कोई नहीं सोचता । बीमा कोई Investment नहीं है । बीमा का पैसा आपकी कमी तो नहीं पूरी कर सकता है, लेकिन आपके बाद आपके परिवार को जो दिक्कतें होती हैं उसकी पूर्ति को पूरा करने के लिए होता है ।
आप वाहन खरीदते है । उसका बीमा करवाते हैं क्यों ? क्योंकि अगर गाड़ी का Accident हो जाए , गाड़ी चोरी हो जाए तो आपकी wealth की सुरक्षा हो सके । इसी प्रकार हमारा अपना शरीर जिससे हम काम करते हैं , घर चलाते हैं , परिवार के Emotion की सुरक्षा करते हैं , क्या उसकी कोई कीमत नहीं ? क्या हमे खुद की सुरक्षा नहीं करनी चाहिए ?
भारत में Insurance को सबसे ज्यादा गलत समझा गया है
हमारे देश में Insurance को अक्सर दो नजरियों से देखा जाता है।
पहला:
👉"इसमें कितना Return मिलेगा?"
दूसरा:
👉"अगर कुछ हुआ ही नहीं तो पैसा बेकार चला जाएगा।"
और यही सोच लोगों को Insurance की असली भूमिका से दूर कर देती है।
चलिए एक सवाल पूछता हूँ...
आप अपने घर में ताला क्यों लगाते हैं?
क्या इसलिए कि ताला आपको Profit देगा?
नहीं।
आप ताला इसलिए लगाते हैं क्योंकि आप Risk को कम करना चाहते हैं।
आप Car का Insurance क्यों करवाते हैं?
क्या इसलिए कि उससे पैसा कमाना है?
नहीं।
आप उसे इसलिए करवाते हैं क्योंकि Accident होने पर बड़ा नुकसान न हो।
तो फिर Life Insurance से Profit क्यों ढूँढते हैं?
सच यह है कि Insurance कभी Wealth Creation Product था ही नहीं
यह बात शायद कुछ लोगों को पसंद न आए।
लेकिन Reality यही है।
Insurance का जन्म लोगों को अमीर बनाने के लिए नहीं हुआ था।
Insurance का जन्म लोगों को Financial Disaster से बचाने के लिए हुआ था।
दोनों बातें अलग हैं।
बहुत अलग।
लोग Mobile पर ₹30,000 खर्च कर देते हैं...
लेकिन Insurance Premium महंगा लगता है
यह बात मैं अपने अनुभव से कह रहा हूँ।
मैंने ऐसे लोगों को देखा है जो:
- हर साल नया Mobile खरीदते हैं
- Bike Upgrade करते हैं
- Restaurant में हजारों रुपये खर्च कर देते हैं
लेकिन जब Family Protection की बात आती है तो कहते हैं:
👉"Sir, Premium थोड़ा ज्यादा है।"
👉बाद में सोचेंगे आदि
मैं किसी की आलोचना नहीं कर रहा।
लेकिन यह हमारी Financial Priorities की Reality जरूर दिखाता है।
असली सवाल यह नहीं है कि Premium कितना है
असली सवाल यह है:
👉अगर कल आपकी Income बंद हो जाए तो घर कितने दिन चलेगा?
क्योंकि ज्यादातर परिवार Savings पर नहीं...
Income पर चलते हैं।
और जिस दिन Income रुकती है, उसी दिन Financial Reality सामने आ जाती है।
एक बात जो शायद कड़वी लगे
बहुत लोग सोचते हैं:
👉"मेरे पास Savings है।"
लेकिन कितनी?
3 महीने?
6 महीने?
1 साल?
उसके बाद?
बच्चों की Fees कौन देगा?
EMI कौन भरेगा?
माता-पिता की दवाइयाँ कौन खरीदेगा?
यही वे सवाल हैं जिनका जवाब Insurance देने की कोशिश करता है।
Insurance का सबसे बड़ा Return क्या है?
अगर आप मुझसे पूछें तो...
Insurance का सबसे बड़ा Return क्या है?
Insurance का सबसे बड़ा Return पैसा नहीं है।
Insurance का सबसे बड़ा Return है:
मानसिक शांति
हाँ, Mental Peace.
वह सुकून कि:
👉"अगर मेरे साथ कुछ भी अनहोनी हो जाए, तो मेरा परिवार पूरी तरह असहाय नहीं होगा।"
जो व्यक्ति यह सुकून समझ गया...
वह Insurance को खर्च नहीं कहेगा।
Financial Planning की सबसे बड़ी गलती
भारत में लोग Wealth Creation जल्दी शुरू करना चाहते हैं।
Mutual Fund... Share Market... Property...
सब ठीक है।
मैं खुद Wealth Creation का समर्थक हूँ।
लेकिन एक बात हमेशा याद रखिए:
👉जिस घर की नींव कमजोर हो, उस पर ऊँची इमारत नहीं बनाई जाती।
Financial Planning की नींव है:
- Emergency Fund
- Health Insurance
- Life Insurance
उसके बाद Wealth Creation आती है।
एक सवाल जो हर कमाने वाले व्यक्ति को खुद से पूछना चाहिए
आज रात सोने से पहले सिर्फ एक सवाल खुद से पूछिए:
👉"अगर मैं अगले 20 साल काम करूँ तो मेरा परिवार आराम से रहेगा।"
लेकिन...
👉"अगर मैं अगले 20 दिन बाद न रहूँ तो क्या होगा?"
यह सवाल डराने के लिए नहीं है।
यह जिम्मेदारी जगाने के लिए है।
मैंने Insurance Industry में एक चीज़ सीखी है...
लोग Investment न करने का पछतावा बाद में करते हैं।
लेकिन Insurance न लेने का पछतावा अक्सर उनका परिवार करता है।
और दोनों में बहुत बड़ा फर्क है।
आखिर में दिल से...
अगर आप Insurance को Return की नजर से देखेंगे...
तो वह हमेशा महंगा लगेगा।
लेकिन अगर आप Insurance को Family Protection की नजर से देखेंगे...
तो शायद उसका Premium छोटा लगने लगे।
क्योंकि सच यह है:
👉Insurance आपके लिए नहीं खरीदा जाता।
Insurance उन लोगों के लिए खरीदा जाता है, जिन्हें आप सबसे ज्यादा प्यार करते हैं।
और यही वजह है कि मैं हमेशा कहता हूँ:
👉Insurance खर्च नहीं है।
यह परिवार के भविष्य की सुरक्षा का इंतजाम है।
एक बात और :-
एक Mobile खराब होगा तो नया आ जाएगा।
Car खराब होगी तो दूसरी आ जाएगी।
लेकिन अगर परिवार का कमाने वाला व्यक्ति चला जाए...
तो उसकी जगह कोई नहीं ले सकता।
और शायद इसी वजह से Financial Planning में Insurance की जगह सबसे अलग है।
👉"Investment आपको आगे बढ़ाती है, लेकिन Insurance आपको गिरने से बचाता है।"
और जिंदगी में कई बार बच जाना... आगे बढ़ जाने से भी ज्यादा जरूरी होता है।
— Vinod Singh (SonuSir)
Financial Consultant & Writer
"जिस चीज़ का फायदा सिर्फ मुसीबत के समय समझ आए, उसे खर्च नहीं... सुरक्षा कहते हैं।"